Inspirational short stories,MOTIVATIONAL Hindi Stories

Hindi stories,inspirational short stories,motivational speeches,motivational Hindi stories,how to become successful,poem,English stories,motivational quotes,moral stories,motivational short story in hindi,

AMAZONE

Wednesday, January 09, 2019

MOTIVATIONAL SHORT STORY [HINDI]दो दोस्तों की प्रेरणादायक कहानी|

दो दोस्तों की प्रेरणादायक कहानी -Motivational Short Story of Two friends

ये कहानी है दो दोस्तों की, जो कि बहुत ही अच्छे दोस्त थे | उनमे से एक दस साल का तथा दूसरा पांच साल का था | दोनों की दोस्ती बहुत ही अच्छी और सच्ची थी | एक दिन खेल-खले में दोनों दोस्त गाँव से थोड़ा दूर आ गए और खेलते-खेलते कुछ देर बाद उनमें से जो बड़ा बच्चा दस साल का था, वह कुएं में गिर गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा |यह देखकर उस छोटे बच्चे ने चारों और अपनी नज़रें दौड़ाई लेकिन उसे वहां आस-पास कोई भी मदद के लिए नज़र नहीं आया | लेकिन तभी उसका ध्यान वहां पड़ी हुई एक बाल्टी की तरफ गई जिसमे एक रस्सी बंधी हुई थी | उसने एक सेकंड की भी देरी न करते हुए अपने दोस्त को बचाने ने लिए उस बाल्टी को कुएं में फेका और अपने दोस्त से उस बाल्टी को पकड़ने के लिए कहा | उसके दोस्त उस बाल्टी को पकड़ लिया | उसके बाद उस पांच साल के लड़के ने अपनी पूरी ताकत से उस रस्सी को खींचना शुरू कर दिया और आखिर में उसने अपने दोस्त को कुएं से बाहर निकाल ही लिया |

 MOTIVATIONAL SHORT STORY







कुएं से निकलने के बाद दोनों दोस्त घर वापस आएं और जो भी घटना उनके साथ घटी उसके बारे में उन दोनों ने गाँव वालों को बताया | लेकिन कोई भी उनकी बात पर विश्वास करने को तैयार ही नहीं था | सभी लोग अचंभित थे कि कोई पांच साल का बच्चा दस साल के बच्चे को कुएं से बहार कैसे निकाल सकता है | गाँव के लोग अलग-अलग तरह की बाते कर रहे थे, लेकिन कोई भी बच्चों की बात पर विश्वास नहीं कर रहा था |
उसी गाँव में एक बुजुर्ग रहता था | जो कि बहुत ही बुद्धिमान था, उसने उन दोनों बच्चों के साथ हुई घटना पर विश्वास कर लिया और उस छोटे बच्चे को शाबाशी भी दी | तब सभी लोग इकठ्ठे होकर उस बुजुर्ग के पास गए और उनसे पूछा कि ये कैसे संभव है | तब उस बुजुर्ग ने उन्हें समझाया कि जिस परिस्थिति में उस पांच साल के बच्चे ने अपने दस साल के दोस्त की मदद की उस समय वह बच्चा बहुत घबराया हुआ था | उसका केवल एक ही लक्ष्य था कि वह अपने दोस्त को कैसे बचाए और वहां पर उसे ये बताने वाला कोई व्यक्ति नहीं था कि वह इस काम को नहीं कर सकता | इसलिए उस पांच साल के बच्चे ने अपने दस साल के दोस्त को आसानी से बचा लिया |
इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि सभी शक्ति आप के अन्दर ही मौजूद है | किसी भी कार्य में सफल होने के लिए सबसे पहले आपको अपने ऊपर पूरा भरोसा होना चाहिए इसके बाद ही बाद किसी भी काम में सफल हो पाएंगे |

No comments:

Post a Comment