Inspirational short stories,MOTIVATIONAL Hindi Stories

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Thursday, January 31, 2019

Motivational short story in hindi.

Motivational short story in hindi.





एक अध्यापक  अपने एक संपन्न परिवार के युवा बच्चे  को अपने साथ एक खेत की तरफ टहलने के लिए ले गया। बहुत दूर जाने के बाद खेतो के बीच किनारे उस शिष्‍य को रास्ते में पुराने हो चुके एक जोड़ी जूते उतरे देखे जो शायद उस खेत में काम करने वाले किसी गरीब मजदूर के थे।
अध्यापक ने बड़े ही गंभीरता से उस बच्चे से कहा, “किसी गरीब के साथ इस तरह का भद्दा मजाक करना ठीक नहीं है। क्यों ना तुम इन जूतों में कुछ रूपए डाल दो और फिर देखो की उस मजदूर पर क्‍या प्रभाव पड़ता है। बच्चे ने अपनी जेब से 200 रूपए निकाल कर उस पुराने जूते में छिपा दिए, और दोनों पास की झाड़ियों में छुप गए।
Motivational short story in hindi

कुछ देर बाद ही मजदूर उस जगह आ गया जहां जूते रखे हुए थे। पहले तो उसने अपने पैरों में चुभे कांटे निकाले और फिर उसने जैसे ही एक पैर जूते में डाले, उसे जूते में किसी चीज का आभास हुआ। उसने जल्दी  से जूते हाथ में लिए और देखा की जूते के अन्दर 100-100 के दो नोट रखे हुए हैं। उस मजदूर को बहुत ही आश्चर्य हुआ। वह उन 200 रूपए को लेकर बड़े गौर से उन्हें पलट-पलट कर देखने लगा।
मजदूर ने खेतो के चारो ओर देखा। उसे  दूर-दूर तक कोई नज़र नहीं आया तो उसने वह 200 रूपए अपनी जेब में रख लिए और मजदूर बहुत ही भावविभोर हो गया, उसकी आँखों में आंसू आ गए। उसने हाथ जोड़ ऊपर देखते हुए कहा,
”हे भगवान, तेरा बहुत-बहुत धन्यवाद जो तुमने समय रहते मुझे 200 रूपयों दे दिए और उस अनजाने व्‍यक्ति का भी लाख-लाख धन्यवाद, आज उसकी सहायता और दयालुता के कारण मैं मेरी बीमार पत्नी को दवा और भूखें बच्चों को रोटी खिला सकुंगा।”
पास ही छाडि़यों में छिपे अध्यापक और बच्चे की आँखों में आँसू भर आए, उस मजदूर की बातों को सुनकर। अध्यापक ने अपने धनी शिष्य से कहा, “क्या तुम उसके साथ मजाक करते वह अच्‍छा था या तुमने उसके पूराने जूतों में कुछ रूपए ड़ाल दिए वह अच्‍छा है।
बच्चा  बोला, “सर आपके कारण आज मुझसे बहुत बड़ा पाप होते-होते बच गया। आपके द्वारा आज जो पाठ मैंने सीखा है, उसे मैं अपने पूरे जीवन याद रखुंगा। आज मैं उन शब्दों का मतलब समझ गया हूँ जिन्हें मैं पहले कभी नहीं समझ पाया था कि लेने  की अपेक्षा देना कहीं अधिक आनंददायी है।

in english

A teacher took the young child of a prosperous family to walk with him to a farm. After going a long distance between the fields, the disciple saw a pair of old shoes falling on the road, which probably belonged to a poor laborer who worked in that farm.
The teacher said to the child with great sincerity, "It is not good to have such a bad joke with any poor person. Why do not you put some rupees in these shoes and then see what the effect is on that laborer. The child took 200 rupees from his pocket and hid it in that old shoe, and both hid in nearby bushes.
Motivational short story in hindi

After a while, the laborer came to the place where the shoes were kept. At first he removed the thorn bone in his feet and then as soon as he put one foot in the shoe, he saw something in the shoe. He quickly took the shoes in hand and saw two hundred and 100 notes in the shoe. The worker was very surprised. He started looking at them with overwhelming attention to those 200 rupees.
The worker looked around the fields. If he had not seen anything far and wide, he kept that 200 rupees in his pocket and the laborer became very emotional, his eyes came tears. He looked up at his hand and said,
"Thank you very much, O God, who gave me 200 rupees in my time, and millions of lakhs of thanks to that unknowingly person, because of his help and kindness today, I will be able to feed my sick wife to the sick and hungry children." "
Tears were hidden in the eyes of the teacher, and the eyes of the laborers came in. The teacher said to his wealthy disciple, "Was it good that you joked with him or you put some rupees in his old shoes, it is good.
The child said, "Sir, because of your great sin today, I was saved. I will remember my whole life as I have learned today. Today I have understood the meaning of those words which I had never before understood that expecting to take is far more enjoyable.

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3 comments:

  1. अपने सामान्य कार्य मे कीसीका बडा सुख छिपा रहता है

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