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Saturday, January 12, 2019

INSPIRATIONAL SHORT STORY ""ईमानदारी"" life changing story in hindi

                                               

        ईमानदारी की | life changing story in hindi 


नंगे पैर चिथड़े कपडे पहने हुए एक लड़के ने एक राहगीर से बोला --"साहब दो चार दिये और पटाखे खरीद लीजिए " राहगीर बोला --नहीं भाई मुझे जरुरत नहीं है |
ले लीजिए पचास पैसे की ही तो एक दिये है ये कहकर लड़का उस आदमी के मुँह की और देखने लगता है |
और थोड़ी देर में वह फिर बोला अच्छा एक ही दिये ले लीजिए |
किसी तरह उस बालक से पीछा छुड़ाने के लिए वह राहगीर ने दो चार दिए ले ली लेकिन जब वह जेब में देखा तो खुले पैसे ही नहीं थे तो उसे उस दिये को वापस कर दिया और बोला तुमसे कल जरूर खरीद लूंगा क्योकि मेरे पास खुले पैसे नहीं है | लड़का नम्रतापूर्वक  बोला आज ही ले लीजिए ,मैं पैसे तुड़वाकर ला देता हु बालक की बात मानकर उसने कुछ दो चार दिये ले ली उसने दिये लेकर उसे पचास रूपये की नोट दे दिया और वही उसका प्रतीक्षा करने लगा | जब थोड़ी देर हुई और वह लड़का नहीं लौटा तब उसने सोचा सायद वह लड़का अब नहीं  आएगा | अतः तब वह अपने घर चले गए |
INSPIRATIONAL SHORT STORY ""ईमानदारी"" life changing story in hindi

दूसरे दिन सुबह नौकर ने खबर दी की एक लड़का उनसे मिलने के लिए आया है | उन्होंने उत्सुकता से बालक को अंदर बुलाया | वह देखते ही समझ गए की वह उस दिये वाले लड़के का भाई है | उसके चेहरे की हड्डिया चमक रही थी ,पर उस स्थिति में भी उसके चेहरे में चमक थी |
थोड़ी देर चुप रहने के बाद लड़का बोला --क्या आप ही ने मेरे भाई से दिया खरीदी थे ,साहब बोले है खरीदी तो थी 

लीजिये आपके बचे हुए पैसे वह स्वम् नहीं आ सका | वह वापस  लौटते वक्त एक मोटर गाड़ी से टकरा गया था,जिससे उसकी टोपी ,दिये और पैसे न जाने कहा गुम हो गए | उसके टांगे की हड्डिया टूट गई है ,उसका हालत|
खराब है | वह किसी तरह आपको यह पैसा भेजा है  | यह कहते ही बालक के आँखों से आंसू बहने लगते है | उसे देखकर उस भद्र परुष का ह्रदय द्रवित हो गया और वह तुरंत उस बालक के साथ उस घायल बालक को देखने चल दिए |
आकर वह क्या देखते है की वह निःसहाय बालक एक बूढ़े शराबी के घर रहता में रहता है ,वह घास के ढेर पर लेटा  हुआ है | वह उन्हें देखकर ही पहचान गया और लेटे हुए बोला --'साहब मैंने पैसे तुड़वा लिए थे और मै पैसे लेकर वापस लौट ही रहा था की तब की कार से टकराकर कर गिर गया और मेरी दोनों टांगे टूट गई | इतना कहकर वह दर्द से कराहते हुए अपने छोटे भाई से बोला --'मेरी मौत तो सामने खड़ी है ,पर अब तुम किसके भरोसे रहोगे यह कहते ही वह रोने लगा और अपने छोटे भाई को गले से चिपका लिया | दोनों बालको के आँखों में आंसू बह रहे थे |

वह सज्जन व्यक्ति वह दुर्घटनाग्रस्त बालक के हाथ को अपने हाथ में लेकर बोले -- बेटे तुम चिंता मत करो ,मै तुम्हारे भाई का देखभाल करूँगा | अपने शरीर के सारि शक्तियो को बटोर कर उनकी और पर्थना की द्रष्टि से देखा | उसकी आँखों से कृतज्ञता टपक रही थी | उसका दिल कुछ कहना चाहता था पर जुबान साथ न दे सकी और उसी समय उसकी आंखे मूंद गई और उसने संसार से बिदा ले ली |


इस उदाहरण में ईस्वर उस छोटे से घयाल बच्चे को जीवन के उचे सिद्धांत सीखा दिए थे | वह ईमानदारी ,सच्चाई ,सह्रदयता और महानता के  मूल्यों को अच्छी तरह जनता था | उन्ही महान गुणों से मनुष्य देवता कहलाते है | ऐसे चरित्र के धनी लोग ही इहलोक और परलोक में पूजे जाते है |

 चरित्र का निर्माण संसार में सघर्ष के मध्य से होता है | 

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