Inspirational short stories,MOTIVATIONAL Hindi Stories

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Thursday, January 31, 2019

Motivational short story in hindi.

Motivational short story in hindi.





एक अध्यापक  अपने एक संपन्न परिवार के युवा बच्चे  को अपने साथ एक खेत की तरफ टहलने के लिए ले गया। बहुत दूर जाने के बाद खेतो के बीच किनारे उस शिष्‍य को रास्ते में पुराने हो चुके एक जोड़ी जूते उतरे देखे जो शायद उस खेत में काम करने वाले किसी गरीब मजदूर के थे।
अध्यापक ने बड़े ही गंभीरता से उस बच्चे से कहा, “किसी गरीब के साथ इस तरह का भद्दा मजाक करना ठीक नहीं है। क्यों ना तुम इन जूतों में कुछ रूपए डाल दो और फिर देखो की उस मजदूर पर क्‍या प्रभाव पड़ता है। बच्चे ने अपनी जेब से 200 रूपए निकाल कर उस पुराने जूते में छिपा दिए, और दोनों पास की झाड़ियों में छुप गए।
Motivational short story in hindi

कुछ देर बाद ही मजदूर उस जगह आ गया जहां जूते रखे हुए थे। पहले तो उसने अपने पैरों में चुभे कांटे निकाले और फिर उसने जैसे ही एक पैर जूते में डाले, उसे जूते में किसी चीज का आभास हुआ। उसने जल्दी  से जूते हाथ में लिए और देखा की जूते के अन्दर 100-100 के दो नोट रखे हुए हैं। उस मजदूर को बहुत ही आश्चर्य हुआ। वह उन 200 रूपए को लेकर बड़े गौर से उन्हें पलट-पलट कर देखने लगा।
मजदूर ने खेतो के चारो ओर देखा। उसे  दूर-दूर तक कोई नज़र नहीं आया तो उसने वह 200 रूपए अपनी जेब में रख लिए और मजदूर बहुत ही भावविभोर हो गया, उसकी आँखों में आंसू आ गए। उसने हाथ जोड़ ऊपर देखते हुए कहा,
”हे भगवान, तेरा बहुत-बहुत धन्यवाद जो तुमने समय रहते मुझे 200 रूपयों दे दिए और उस अनजाने व्‍यक्ति का भी लाख-लाख धन्यवाद, आज उसकी सहायता और दयालुता के कारण मैं मेरी बीमार पत्नी को दवा और भूखें बच्चों को रोटी खिला सकुंगा।”
पास ही छाडि़यों में छिपे अध्यापक और बच्चे की आँखों में आँसू भर आए, उस मजदूर की बातों को सुनकर। अध्यापक ने अपने धनी शिष्य से कहा, “क्या तुम उसके साथ मजाक करते वह अच्‍छा था या तुमने उसके पूराने जूतों में कुछ रूपए ड़ाल दिए वह अच्‍छा है।
बच्चा  बोला, “सर आपके कारण आज मुझसे बहुत बड़ा पाप होते-होते बच गया। आपके द्वारा आज जो पाठ मैंने सीखा है, उसे मैं अपने पूरे जीवन याद रखुंगा। आज मैं उन शब्दों का मतलब समझ गया हूँ जिन्हें मैं पहले कभी नहीं समझ पाया था कि लेने  की अपेक्षा देना कहीं अधिक आनंददायी है।

in english

A teacher took the young child of a prosperous family to walk with him to a farm. After going a long distance between the fields, the disciple saw a pair of old shoes falling on the road, which probably belonged to a poor laborer who worked in that farm.
The teacher said to the child with great sincerity, "It is not good to have such a bad joke with any poor person. Why do not you put some rupees in these shoes and then see what the effect is on that laborer. The child took 200 rupees from his pocket and hid it in that old shoe, and both hid in nearby bushes.
Motivational short story in hindi

After a while, the laborer came to the place where the shoes were kept. At first he removed the thorn bone in his feet and then as soon as he put one foot in the shoe, he saw something in the shoe. He quickly took the shoes in hand and saw two hundred and 100 notes in the shoe. The worker was very surprised. He started looking at them with overwhelming attention to those 200 rupees.
The worker looked around the fields. If he had not seen anything far and wide, he kept that 200 rupees in his pocket and the laborer became very emotional, his eyes came tears. He looked up at his hand and said,
"Thank you very much, O God, who gave me 200 rupees in my time, and millions of lakhs of thanks to that unknowingly person, because of his help and kindness today, I will be able to feed my sick wife to the sick and hungry children." "
Tears were hidden in the eyes of the teacher, and the eyes of the laborers came in. The teacher said to his wealthy disciple, "Was it good that you joked with him or you put some rupees in his old shoes, it is good.
The child said, "Sir, because of your great sin today, I was saved. I will remember my whole life as I have learned today. Today I have understood the meaning of those words which I had never before understood that expecting to take is far more enjoyable.

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Sunday, January 27, 2019

HOW TO BE SUCESSFUL IN LIFE? [HINDI], INSPIRATIONAL SHORT STORY IN HINDI

HOW TO BE SUCESSFUL IN LIFE?[HINDI]

  INSPIRATIONAL SHORT STORY IN HINDI



 How to Sucessful in Life

पहला उपाय (How to Successful in Life) हम लोग किसी सफल व्यक्ति के जीवन का अनुसरण करें की कैसे उन्होंने किस तरीके व रास्ते पर चलकर सफलता पाई। उस तरीको व रास्ते को अपनाएं और सफलता की ओर बढ़े। उन तरीको व  रास्ते पर चलकर सफलता पाई जा सकती है। और दूसरा उपाय  यह भी है कि हम किसी और असफल व्यक्ति के जीवन का अनुसरण भी करें।  की एक असफल  व्यक्ति किस तरीके व  रास्ते पर चला और उन्होंने अपने जीवन में क्या-क्या गलतियां की। जिस कारण जीवन में वे सफल नहीं हो पाए । यह तरीका भी जीवन का एक बहुत ही अहम पहलू है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस अहम पहलू को एक छोटी कहानी के द्वारा आसानी से समझा जा सकता है। एक बार एक असफल व्यक्ति ने एक सफल व्यक्ति से पूछा आपकी सफलता का क्या राज है? सफल व्यक्ति थोड़ी देर चुप रहा फिर मुस्कुराया और बोला, की मैंने असफल व्यक्तियों से ही सफलता पाना सीखा है। असफल व्यक्ति असमंजस से पूछा वह किस प्रकार ? मैं समझ नहीं पा रहा हूँ । How to be Successful in Life, inspirational short story in hindi

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तब सफल व्यक्ति ने उस असफल व्यक्ति से कहा यह एक बहुत बड़ी सच्चाई है कि बहुत से सफल व्यक्ति इस तरीके का चयन सफलता प्राप्त करने के लिए करते हैं। फिर सफल व्यक्ति ने असफल व्यक्ति से एक प्रश्न पूछा कि आप बताएं कि आप असफल क्यों हुए? तो असफल व्यक्ति सोच में पड़ गया, यह कैसा प्रश्न है? परंतु थोड़ी देर में वह सहजता से उत्तर दिया कि मैं भी पहले एक अमीर व्यक्ति था और जीवन में ज्यादा सफलता पाने की चाहत में एक नया व्यवसाय शुरू किया। जिस में मैंने बहुत पैसा लगाया और बहुत कम समय में ज्यादा पैसा कमाने और ज्यादा सफलता की ऊंचाइयों को छूने की चाहत में एक और दूसरा व्यवसाय शुरू कर दिया , जिसमें बाकी बचे सारे पैसे लगा दी। परंतु नया व्यवसाय सुरु होने की वजह से  व्यवसाय की बारीकियां बहुत अच्छे से समझ नहीं पाया, और न ही जरूरत अनुसार दोनों व्यवसाय में अपना समय दे पाया। इस कारण धीरे धीरे मेरे दोनों व्यवसाय में घाटे होते चले गया और मैं एक असफल व्यक्ति बन गया। मेरे दोनों व्यवसाय बंद हो गए। और इस स्थिति में असफलता से उबरने के लिए मेरे पास कुछ भी पैसे नहीं बचे। How to Successful in Life, inspirational short story in hindi
तब उस सफल व्यक्ति ने कहा यही बात तो सीख देती है, एक असफल व्यक्ति के जीवन से। आपको भी समझ आ गई होगी कि आपने अपने जीवन में असफल क्यों रहे। यह सुनकर और असफल व्यक्ति निराश होते हुए बोला मैं क्या समझ पाऊंगा मेरा तो नसीब ही खराब है। नसीब ने मेरा साथ नहीं दिया और मैं घाटे में चला गया और असफल रह गया। तब उस सफल व्यक्ति ने कहा नहीं असफलताओं से सीख कर एक सफल व्यक्ति बना जा सकता है।

Thursday, January 24, 2019

inspirational story in hindi,माँ: भगवान ने देवदूत भेजे

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माँ: भगवान ने देवदूत भेजे

एक समय के लिए, एक बच्चा पैदा होने वाला था। जन्म से कुछ क्षण पहले, उन्होंने भगवान से पूछा: "मैं बहुत छोटा हूं, मैं खुद भी कुछ नहीं कर सकता, मैं पृथ्वी पर कैसे रहूंगा, कृपया मुझे अपने साथ रहने दें, मैं कहीं भी नहीं जाना चाहता।"


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भगवान ने कहा, "मेरे पास बहुत सारे देवदूत हैं, उनमें से एक जिसे मैंने तुम्हारे लिए चुना है, वह तुम्हारा ख्याल रखेगा।"

"लेकिन मुझे बताओ, यहां स्वर्ग में मैं कुछ नहीं करता, मैं सिर्फ गाता हूं और मुस्कुराता हूं, मेरे लिए बहुत खुश हूं।"
"आपकी परी आपके लिए गाएगी और हर दिन आपके लिए मुस्कुराएगी भी। और आप उसके प्यार को महसूस करेंगे और खुश रहेंगे।"

"और जब लोग मुझसे वहां बात करेंगे, तो मैं समझूंगा कि कैसे, मैं उनकी भाषा नहीं जानता?"

"आपका स्वर्गदूत सबसे मीठे और मीठे शब्दों में आपसे बात करेगा, जो शब्द आपने यहाँ तक नहीं सुने होंगे, और बहुत धैर्य और सावधानी के साथ आपका स्वर्गदूत आपको बोलना भी सिखाएगा।"

"और जब मैं आपसे बात करना चाहता हूँ तो मैं क्या करूँ?"

"आपका कबीला आपको अपने हाथों से प्रार्थना करना सिखाएगा, और इस तरह आप मुझसे बात कर पाएंगे।"

"मैंने सुना है कि पृथ्वी पर भी बुरे लोग हैं। मुझे उनसे कौन बचाएगा?"

"आपकी परी आपको बचाएगी, भले ही उसकी खुद की जान को कोई खतरा हो।"

"लेकिन मैं हमेशा दुखी रहूंगा क्योंकि मैं आपको नहीं देखूंगा।"
"इसके बारे में चिंता मत करो; तुम्हारी परी हमेशा तुम्हारे बारे में मुझसे बात करेगी और मुझे बताएगी कि तुम मेरे पास कैसे आ सकती हो।"

उस समय स्वर्ग में अपार शांति थी, लेकिन पृथ्वी से कराहने की आवाज आ रही थी .... बच्चा समझ गया कि अब उसे जाना है, और वह रोते हुए बोला, "हे भगवान, अब मैं जाने वाला हूं , कृपया मुझे उस परी का नाम बताइए? '

भगवान ने कहा, "परी के नाम का कोई महत्व नहीं है, बस पता है कि आप उसे" माँ "कहेंगे।"

read more :- inspirational story in hindi.


5 short quotes, quotes life

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1:- To accomplish great things, we must not only act, but also dream, not only plan, but also believe. - Anatole France


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2:-   When you think you can't... revisit a previous triumph. 
                                                                           - Jack Canfield

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3:-  Sometimes things become possible if we want them bad                   enough. - T.S. Eliot


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4:-  To be a leader, you must stand for something, or you will fall           for anything. - Anthony Pagano



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5:-   Don't you get it? This very second you could be doing                      something you love and dream about doing. So do it! NOW!


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Thursday, January 17, 2019

Motivativational short Story In Hindi,|अवसर | kids story


        |अवसर | (kids story)

 Motivational short Story In Hindi



एक दिन किसी किसान का बैल गड्ढे  में गिर जाता है। तभी सभी जानवर दयालुता की भावना से रोने लगे जबकि किसान ये सोच रहा था की अब क्या किया जाए। अंततः, उसने निर्णय किया की वह जानवर बहुत बुढा हो गया है। और वैसे भी उसे उस गड्ढे  को भरकर बंद करना है। इसलिए उस बैल  को गड्ढे  से निकालने में कोई फायदा नहीं।

inspirational short story in hindi |अवसर |


उसने अपने पड़ोसियों को अपने मदद के लिए बुलाया और गड्ढा  बंद करने के लिए लगने वाली मिटटी पाने के लिए बाजु की जमीन खोद के मिटटी निकालने लगा। गड्ढा  बंद करने के लिए अब पडोसियो ने भी उसका हाथ बटाना चालू किया और वह भी खुदाई करके मिटटी निकालने लगे और वह मिटटी गड्ढे में डालने लगे।
यह देख गड्ढे  में खड़ा बैल  डर गया और उसे समझ आ गया की अब वह ज्यादा देर तक ज़िंदा नहीं रह पायेगा। यह जानते ही वह जोर जोर से रोने लगा, पर उसकी मदद करने के लिए कोई नहीं आया। ऊपर पड़ोसियों की मदद मिलने के वजह से बैल  पर मिटटी डालने का काम तेजी से हो रहा था।
किसान और उसके साथियो ने यह मान लिया था की बैल  अब तक गड्ढे  में डाले हुए मिटटी के निचे दब चूका होगा। पर जब उन्होंने गड्ढे  में झाँक के देखा तब वह आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने देखा की वह लोग जो भी मिटटी बैल  पर डालते बैल  उस मिटटी को अपने शरीर पर से झटक देता और उसे निचे गिरा देता। ऐसा करने के वजह से उसके निचे सारी मिटटी का एक ऊँचा ढेर लग चूका था और बैल  बड़े आराम से उस ढेर पर खड़ा था। देखते देखते किसान ने डाली हुयी मिटटी का ढेर इतना ऊँचा हो गया की बैल  खुद गड्ढे  से बहार निकल कर बाहर आ गया।

इस प्रेरणादायक कहानी से सीख / Moral From 

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दोस्तों जिस तरह कहानी में बैल  के ऊपर मिटटी डाली जा रही थी उसी तरह हम सबके ऊपर ज़िन्दगी में कई सारी मुश्किलें आती है। यह मुश्किलें personal life में हो या फिर career / professional life में हो, इस हर मुश्किल को सुनहरे अवसर में बदलना हमारे हाथ में है।
आप आयी हुयी हर तकलीफ या मुश्किल situation को पकड़ के रोते नहीं बैठ सकते। जिस प्रकार बैल  ने अपने ऊपर डाले हुयी मिटटी को ही अपने मुसीबत से बाहर निकालने का मार्ग बनाया उसी तरह हमे खुद पर आयी हुयी हर मुसीबत में सकारात्मक सोच से बाहर निकालने का रास्ता ढूँढना चाहिए।
हम जीवन में एक ही जगह पर रूककर किसी मुश्किल से हार मानकर कभी आगे नहीं बढ़ सकते। जीवन में मुश्किलों से डरने की बजाये उनका सामना कर के एक-एक कदम आगे बढ़ने की कोशिश करे। तभी यह कहानी सही मायने में सफल होगी।
STORY TELLER पर हम अक्सर ऐसी कहानिया बताते है जो सिर्फ बड़ो को ही नहीं बल्कि बच्चो को भी entertaining के साथ साथ ज्ञानपूर्ण हो। STORY TELLER पर inspirational short story in hindi kids story के साथ ऐसी भी कहानिया है जो आपका दिल छू जाएँगी।

More  kids story


Tuesday, January 15, 2019

INSPIRATIONAL MORAL STORY IN HINDI, CHOICE-पसन्द

           INSPIRATIONAL MORAL STORY IN HINDI

                                              ( CHOICE:-पसन्द )


हमे शायद पता ही नहीं की हमे क्या चाहिए \\ जो पसंद आ गया बस वही चाहिए ,फिर उसकी उपयोगिता हो या न हो || 


एक छोटा बच्चा अपने पिता के साथ बाज़ार  में आया। बच्चे अक्सर खिलौने पसंद करते हैं, इसलिए जब उनके पिता उन्हें एक खिलौने  की दुकान में ले  गए, तो बच्चे को  खिलौने देखकर बहुत खुशी हुई। फिर उसने अपने पिता से उन खिलौनों में से एक खरीदने के लिए कहा। बच्चे की खुशी के लिए, उसके पिता ने उसकी मांग पूरी की और बच्चे ने कार उठा ली।

INSPIRATIONAL MORAL STORY IN HINDI
inspirational short story in hindi


वह उस कार को लेकर बहुत खुश था। लेकिन जैसे ही वह थोड़ा आगे बढ़ा, उसका ध्यान एक रिमोट हेलिकॉप्टर  की ओर आकर्षित हुआ। हेलिकॉप्टर देखते ही उसे अच्छा लगा। इसलिए उन्होंने पापा से कहा कि अब उनके पास कार नहीं होनी चाहिए क्योंकि अब उन्हें रिमोट  हेलीकॉप्टर की जरूरत थी। उनके पिता जल्दी में थे, क्योंकि दुकान  बंद होने वाली  था। फिर बच्चे के पिता ने उसे समझाया कि तुम्हें जो भी खिलौना लेना है जल्दी से ले लो और चलो यहाँ से।



बच्चा कार वापस ले गया और हेलीकॉप्टर को उठा लिया। बच्चे को अपने पिता के साथ थोड़ा आगे जाना था कि बच्चे ने फिर कहा, अब उसे हेलीकाप्टर नहीं बल्कि वीडियो गेम सेट चाहिए। उसके पिता ने कहा, अच्छा सोच लो और जो भी तुम्हें लेना है ले लो, क्योंकि अब हमारे पास ज्यादा समय नहीं बचा है। बच्चा दौड़ते हुए खिलौनों को देख रहा था, कि दुकान  की सभी लाइटें बंद हो गईं और यह पता चला कि बाजार अब बंद हो गया है।

शिक्षा: - हम सभी उस बच्चे की तरह हैं और यह दुनिया एक बाज़ार  है, जिसमें कई तरह के खिलौने रखे जाते हैं। हमारे पास चुनने के लिए बहुत सारे खिलौने उपलब्ध हैं। लेकिन अगर हम यह नहीं तय करेंगे कि शिक्षा में क्या करना है, रिश्ते में क्या करना है, नौकरी के क्षेत्र में क्या करना है, या किस तरह का व्यवसाय करना है। तो हम सब उस बच्चे की तरह खाली हाथ रहेंगे। हम हमेशा गलत निर्णय लेने से डरते हैं, लेकिन यह मानते हैं कि गलत निर्णय लेना किसी भी निर्णय को लेने से बेहतर है। समय बीतने के बाद, हमें भी उस बच्चे की तरह पश्चाताप करना चाहिए। जब हमारे पास अवसर था, तो हमने कुछ क्यों नहीं चुना?

Monday, January 14, 2019

TOP 5 QUOTES OF SWAMI VIVEKANAND [ENGLISH HINDI], MOTIVATIONAL QUOTES

             TOP 5 QUOTES OF VIVEKANAND..

              MOTIVATIONAL QUOTES

 TOP 5 QUOTES OF VIVEKANAND..               MOTIVATIONAL QUOTES

some of MOTIVATIONAL QUOTES by vivekanand..



1:-
दूसरों के दोष के बारे में कभी बात न करें,
चाहे वे कितने भी बुरे हों।
उसके द्वारा कभी कुछ प्राप्त नहीं किया जाता है।
आप उसकी गलती के बारे में बात करके कभी मदद नहीं करते,
आप उसे चोट पहुँचाते हैं, और खुद को भी घायल करते हैं। "


 TOP 5 QUOTES OF VIVEKANAND..               MOTIVATIONAL QUOTES












2:- 
जब यो एक गरीब आदमी की मदद करते हैं, तो कम से कम गर्व महसूस न करें।
वह आपके लिए पूजा है, न कि अभिमान का कारण


 TOP 5 QUOTES OF VIVEKANAND..               MOTIVATIONAL QUOTES



3:-
सत्य किसी भी समाज, प्राचीन या आधुनिक को श्रद्धांजलि नहीं देता है।
समाज को सच्चाई के लिए श्रद्धांजलि देनी होगी, या मरना होगा। ”


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4 :-
कभी भी असफलता पर पछतावा न करें, वे काफी स्वाभाविक हैं, वे जीवन की सुंदरता हैं। उनके बिना जीवन क्या होगा?


 TOP 5 QUOTES OF VIVEKANAND..               MOTIVATIONAL QUOTES


5:-

जो होगया सो होगया। पश्चाताप मत करो, कामों के ऊपर झाड़ू मत लगाओ। आप प्रभाव का सामना नहीं कर सकते, इसका सामना करना होगा। लेकिन सावधान रहें कि फिर से वही काम न करें



 TOP 5 QUOTES OF VIVEKANAND..               MOTIVATIONAL QUOTES

Sunday, January 13, 2019

How to be sucessful in life [hindi], INSPIRATIONAL SHORT STORY

Motivational short story in Hindi.

कभी कभी हम life से यूँ ही खुद को निराश पाते है जबकि ऐसे में हमारे भीतर बहुत सारी काबिलियत होती है जिसका हमे अंदाज़ा भी नहीं होता और हम अपनी जिन्दगी बदल सकते है अगर हम अपने बुरे हालातों को positive लें तो जबकि आप कहेंगे कैसे संभव है हर समय positive होना जब हमारे पर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा हो लेकिन फिर भी मैं आपको एक बात साफ कर दूँ अगर आप ऐसा सोचते है तो निहायती गलत सोचते है हम चाहे कितनी भी मुश्किलों में क्यों नहीं हो हमारे सामने हमेशा एक दरवाजा हमारे लिए खुला होता है जो Success का ही एक रास्ता है जबकि निराश होकर हम खुद उसे बंद कर लेते है ऐसे में जिन्दगी का दूसरा पहलू हम देख ही नहीं पाते |
How to be sucessful in life [hindi], INSPIRATIONAL SHORT STORY
HOW TO BE SUCESSFUL IN LIFE

आप गौर से देखेंगे तो आप सभी सफल लोगों में एक सामान्य बात देखने को पाएंगे कि जो जितना अधिक सफल आज के समय में उसी ने उतना ही अधिक struggle अपनी बीती जिन्दगी में कर रखा होता है और उसकी यही मुश्किलें उसे आने वाली जिन्दगी की छोटी बड़ी परेशानियों का सामना करने की उसकी काबिलियत को बनाती है | मैं आपको एक कहानी ने माध्यम से ये बताना चाहूँगा |
अमरीका के ब्रुकलिन में जन्म लेने वाले टेड विलियम अपनी खराब आदतों और कमजोर financial हालत के चलते अमेरिका के ही एक राज्य ऑहियो में सडकों पर भीख माँगा करते थे और नशे की अपनी बुरी आदत के कारण उन्हें दो बार जेल की हवा भी कहानी पड़ी | रिहा होने पर वह सड़क पर एक प्लेकार्ड पर ये लिखकर भीख माँगा करता था कि “मेरी आवाज बहुत अच्छी है |” और रात को पेट्रोल पंप के पीछे बने हुए एक टेंट में सोया करता था।


एक दिन क्या हुआ कि किस्मत से किसी रिपोर्टर की नजर उस पर पड़ी तो उसने उनका interview लेने का सोचा और मजे मज़े में ही एक विडियो शूट करके उसे youtube पर डाल दिया | youtube पर विडियो आते ही वो छा सा गये | और न्यूयार्क शहर के एक टीवी चैनल में उन्हें अपने morning show के लिए interview लेने के लिए बुलावा भेजा और उन्हें सेलेक्ट भी कर लिया | इसके अलावा उन्होंने कई कम्पनियों के लिए विज्ञापन का काम भी किया है वो थोड़े ही समय के बाद वो एक अमेरिका के जाने माने लोगो में शामिल हो गये |
जिसके बाद उन्होंने अपने struggle और सफलता के ऊपर एक किताब भी लिखी | तो ये है एक कहानी जिस से हम जान सकते है कि जिन्दगी हमे कई मौके देती है बशर्ते हम अपने बुरे हालातों को positivly लें और जिन्दगी से खफा नहीं होते |

Motivational Stories in Hindi, 2 लडको की

2 लडको की Motivational Short Story


यह Motivational Kahani है दो बच्चो कि जो एक गाँव (village) मैं रहते थे| उनसे से एक 6 साल का था और दूसरा 10 साल का|दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे बिलकुल शोले के जय और वीरू जैसे:- दोनों हमेशा साथ-साथ खेलते, साथ-साथ लड़ते, साथ-साथ खाते पीते|तो एक दिन वो दोनों गाँव से थोडा दूर निकल गए और खेलते खेलते उनमे से जो बड़ा लड़का था 10 साल वाला वो कुए मैं गिर गया और जोर-जोर से चिकने और चिल्लाने लग गया| क्योंकि उसको तेरना नही आता था|
Motivational Stories in Hindi, 2 लडको की

अब जो दूसरा लड़का था छोटा-सा 6 साल का, उसने अपने आस-पास देखा और उसको कोई नजर नही आया उसको कोई नही दिखा| जिससे की वो बुला सके किसीको हेल्प के लिए|अब उसकी नजर पड़ी एक बाल्टी पे जिसपे एक रस्सी बन्दी पड़ी थी| उसने एक second भी खराब नही करा उसने उस बाल्टी को उठा करके उस कुए में फेक दिया और अपने दोस्त को बोला की पकडले इसको|उसके दोस्त से उस बाल्टी को पकड़ा और वो 6 साल का लड़का अपनी पूरी ताकत लगा करके उस बाल्टी को खीचने लग गया|खिचता रहा, खिचता रहा, अपनी पूरी जान लगादी उस लडके ने 6 साल वाले ने और 10 साल वाले लडके ने उस बाल्टी को पकड़ा हुआ था किचता रहा-खिचता था और तब तक नही रुका जब तक उसका दोस्त उस कुए से बहार न आ आया|
अब यहा तक तो ठीक था यहा तक तो यह Motivational stories in hindi समझ मैं आती है| लेकिन हुआ क्या की जैसे ही यह दोनों बच्चे, जब दोनों एक हो गए जब बाहर आये आ करके गले मिल रहे है, रो रहे है, खुस हो रहे|एक तरफ से उनको डर भी लग रहा था| डर था की अब गाँव में जायेंगे तो बहुत पिटाई होगी जब बतायेंगे उनको हम की कुए में गिर गए और ये सब चीजे हुई|लेकिन मजे की बात तो यह है की ऐसा कुछ भी नही हुआ| वो जब गाँव गए और जा करके उन्होंने अपने घरवालो को बताया बाकि के गाँव वालो को बताया तो किसीने भी विशवास नही करा पुरे गाँव वालो ने और वो अपनी जगह बिलकुल ठीक थे|
क्यूंकि उस लडके में इतनी भी ताकत भी नही थी की वो पानी से भरी हुई बाल्टी को उठा भी सके| तो इतने बड़े लडके को इतनी उपर खिचना बहुत दूर की बात है|लेकिन एक आदमी था उस गाँव मै, उसने विशवास कर लिया| उनको सब रहीम चाचा कहते थे| उस गाँव के सबसे समझदार बुजुर्गो में से एक और सबको लगा की यार यह कभी झूट नही बोलते अगर यह कह रहे है तो जरुर कोई-न-कोई बात होगी जिस वजह से यह सब कह रहे है|और फिर सरे गाँव वाले इकट्टा हो करके उनके पास में गये और जा करके बोले की देखोगी हमको तो कुछ समझ नही आ रहा आप ही बतादो, की ऐसा कैसे हो सकता है|तो उनको हसी आ गयी| वो बोले की यार इसमें में क्या बताऊ, वो लड़का बता तो रहा है की उसने यह कैसे किया|बाल्टी तो उठा करके उसने कुए मैं फेका, उसके दोस्त से बाल्टी को पकड़ा, उसने रस्सी को खीचा और अपने दोस्त को बचा लिया तो आपको पता तो है उसने कैसे किया बच्चा बता तो रहा है इसमें में क्या बताऊ
सारे गाँव वाले उनकी शक्ल देखरे फिर कुछ देर बाद वो बोले की सवाल यह नही है की वो छोटा-सा बच्चा यह कैसे कर पाया? सवाल यह है की वो यह क्यों कर पाया?की उसके अन्दर इतनी ताकत कहा से आयी और बोले इसका सिर्फ एक जवाब है सिर्फ एक की जिस समय उस लड़ने ने यह किया, उस time पे उस जगह पर दूर-दूर तक कोई भी नही था उस लडके को यह बताने वाला की तू यह नही कर सकता|उधर कोई नही था कोई नही यहा तक की वो खुद भी नही, वो खुद भी नहीवैसे तो सब लोगो का अपना-अपना ओपिनियन होता है की आपको यह स्टोरी पडकर क्या सिखने को मिला| पर मैं आशा करता हूँ की आपने इस स्टोरी को positive way मैं लिया होगा और बहुत कुछ सिखा होगा|की अगर आपको अपने उपर पूरा भरोसा है तो दुनिया की कोई ताकत नही है जो आपको रोक सके| आप खुद भी नही 🙂

Saturday, January 12, 2019

INSPIRATIONAL SHORT STORY ""ईमानदारी"" life changing story in hindi

                                               

        ईमानदारी की | life changing story in hindi 


नंगे पैर चिथड़े कपडे पहने हुए एक लड़के ने एक राहगीर से बोला --"साहब दो चार दिये और पटाखे खरीद लीजिए " राहगीर बोला --नहीं भाई मुझे जरुरत नहीं है |
ले लीजिए पचास पैसे की ही तो एक दिये है ये कहकर लड़का उस आदमी के मुँह की और देखने लगता है |
और थोड़ी देर में वह फिर बोला अच्छा एक ही दिये ले लीजिए |
किसी तरह उस बालक से पीछा छुड़ाने के लिए वह राहगीर ने दो चार दिए ले ली लेकिन जब वह जेब में देखा तो खुले पैसे ही नहीं थे तो उसे उस दिये को वापस कर दिया और बोला तुमसे कल जरूर खरीद लूंगा क्योकि मेरे पास खुले पैसे नहीं है | लड़का नम्रतापूर्वक  बोला आज ही ले लीजिए ,मैं पैसे तुड़वाकर ला देता हु बालक की बात मानकर उसने कुछ दो चार दिये ले ली उसने दिये लेकर उसे पचास रूपये की नोट दे दिया और वही उसका प्रतीक्षा करने लगा | जब थोड़ी देर हुई और वह लड़का नहीं लौटा तब उसने सोचा सायद वह लड़का अब नहीं  आएगा | अतः तब वह अपने घर चले गए |
INSPIRATIONAL SHORT STORY ""ईमानदारी"" life changing story in hindi

दूसरे दिन सुबह नौकर ने खबर दी की एक लड़का उनसे मिलने के लिए आया है | उन्होंने उत्सुकता से बालक को अंदर बुलाया | वह देखते ही समझ गए की वह उस दिये वाले लड़के का भाई है | उसके चेहरे की हड्डिया चमक रही थी ,पर उस स्थिति में भी उसके चेहरे में चमक थी |
थोड़ी देर चुप रहने के बाद लड़का बोला --क्या आप ही ने मेरे भाई से दिया खरीदी थे ,साहब बोले है खरीदी तो थी 

लीजिये आपके बचे हुए पैसे वह स्वम् नहीं आ सका | वह वापस  लौटते वक्त एक मोटर गाड़ी से टकरा गया था,जिससे उसकी टोपी ,दिये और पैसे न जाने कहा गुम हो गए | उसके टांगे की हड्डिया टूट गई है ,उसका हालत|
खराब है | वह किसी तरह आपको यह पैसा भेजा है  | यह कहते ही बालक के आँखों से आंसू बहने लगते है | उसे देखकर उस भद्र परुष का ह्रदय द्रवित हो गया और वह तुरंत उस बालक के साथ उस घायल बालक को देखने चल दिए |
आकर वह क्या देखते है की वह निःसहाय बालक एक बूढ़े शराबी के घर रहता में रहता है ,वह घास के ढेर पर लेटा  हुआ है | वह उन्हें देखकर ही पहचान गया और लेटे हुए बोला --'साहब मैंने पैसे तुड़वा लिए थे और मै पैसे लेकर वापस लौट ही रहा था की तब की कार से टकराकर कर गिर गया और मेरी दोनों टांगे टूट गई | इतना कहकर वह दर्द से कराहते हुए अपने छोटे भाई से बोला --'मेरी मौत तो सामने खड़ी है ,पर अब तुम किसके भरोसे रहोगे यह कहते ही वह रोने लगा और अपने छोटे भाई को गले से चिपका लिया | दोनों बालको के आँखों में आंसू बह रहे थे |

वह सज्जन व्यक्ति वह दुर्घटनाग्रस्त बालक के हाथ को अपने हाथ में लेकर बोले -- बेटे तुम चिंता मत करो ,मै तुम्हारे भाई का देखभाल करूँगा | अपने शरीर के सारि शक्तियो को बटोर कर उनकी और पर्थना की द्रष्टि से देखा | उसकी आँखों से कृतज्ञता टपक रही थी | उसका दिल कुछ कहना चाहता था पर जुबान साथ न दे सकी और उसी समय उसकी आंखे मूंद गई और उसने संसार से बिदा ले ली |


इस उदाहरण में ईस्वर उस छोटे से घयाल बच्चे को जीवन के उचे सिद्धांत सीखा दिए थे | वह ईमानदारी ,सच्चाई ,सह्रदयता और महानता के  मूल्यों को अच्छी तरह जनता था | उन्ही महान गुणों से मनुष्य देवता कहलाते है | ऐसे चरित्र के धनी लोग ही इहलोक और परलोक में पूजे जाते है |

 चरित्र का निर्माण संसार में सघर्ष के मध्य से होता है | 

Friday, January 11, 2019

HINDI STORY SHORT, माँ

                              वृद्धाश्रम


कल रात एक ऐसा वाकया हुआ जिसने मेरी ज़िन्दगी के कई पहलुओं को छू लिया.
करीब 7 बजे होंगे,

 शा म को    मोबाइल बजा

उठाया तो उधर से रोने की आवाज़….
मैंने शांत कराया और पूछा कि भाभीजी आखिर हुआ क्या?
उधर से आवाज़ आई..
आप कहाँ हैं और कितनी देर में सकते हैं ?
मैंने कहा:-“आप परेशानी बताइये..!”
औरभाई साहब कहाँ हैं…?माताजी किधर हैं..?” “आखिर हुआ क्या…?”
लेकिन
उधर से केवल एक रट कि आप जाइए, मैंने आश्वाशन दिया कि कम से कम एक घंटा लगेगा.जैसे तैसे पूरी घबड़ाहट में पहुँचा.
देखा तो भाई साहब (हमारे मित्र जो जज हैं) सामने बैठे हुए हैं.
भाभीजी रोना चीखना कर रही हैं,13 साल का बेटा भी परेशान है. 9 साल की बेटी भी कुछ नहीं कह पा रही है.
मैंने भाई साहब से पूछा
कि आखिर क्या बात है.
भाई साहब कोई जवाब नहीं दे रहे थे.
फिर भाभी जी ने कहा ये देखिये तलाक के पेपर, ये कोर्ट से तैयार कराके लाये हैं, मुझे तलाक देना चाहते हैं,
मैंने पूछा -ये कैसे हो सकता है. इतनी अच्छी फैमिली है. 2 बच्चे हैं. सब कुछ सेटल्ड है. प्रथम दृष्टि में मुझे लगा ये मजाक है.
लेकिन मैंने बच्चों से पूछा दादी किधर हैं,
बच्चों ने बताया पापा ने उन्हें 3 दिन पहले नोएडा के वृद्धाश्रम में शिफ्ट कर दिया है.

HINDI STORY SHORT, माँ


मैंने घर के नौकर से कहा
मुझे और भाई साहब को चाय पिलाओ,
कुछ देर में चाय आई. भाई साहब को बहुत कोशिशें कीं पिलाने की.
लेकिन उन्होंने नहीं पिया. और कुछ ही देर में वो एक मासूम बच्चे की तरह फूटफूट कर रोने लगे. बोले मैंने 3 दिन से कुछ भी नहीं खाया है. मैं अपनी 61 साल की माँ को कुछ लोगों के हवाले करके आया हूँ.
पिछले साल से मेरे घर में उनके लिए इतनी मुसीबतें हो गईं कि पत्नी (भाभीजी) ने कसम खा ली. कि मैं माँ जी का ध्यान नहीं रख सकती. ना तो ये उनसे बात करती थी
और ना ही मेरे बच्चे बात करते थे. रोज़ मेरे कोर्ट से आने के बाद माँ खूब रोती थी. नौकर तक भी अपनी मनमानी से व्यवहार करते थे.
माँ ने 10 दिन पहले बोल दिया.. बेटा तू मुझे ओल्ड ऐज होम में शिफ्ट कर दे.
मैंने बहुत कोशिशें कीं पूरी फैमिली को समझाने की, लेकिन किसी ने माँ से सीधे मुँह बात नहीं की.
जब मैं 2 साल का था तब पापा की मृत्यु हो गई थी. दूसरों के घरों में काम करके मुझे पढ़ाया. मुझे इस काबिल बनाया कि आज मैं जज हूँ . लोग बताते हैं माँ कभी दूसरों के घरों में काम करते वक़्त भी मुझे अकेला नहीं छोड़ती थीं.
उस माँ को मैं ओल्ड ऐज होम में शिफ्ट करके आया हूँ. पिछले 3 दिनों से मैं अपनी माँ के एक-एक दुःख को याद करके तड़प रहा हूँ, जो उसने केवल मेरे लिए उठाये.
मुझे आज भी याद है जब..
मैं 10th की परीक्षा में अपीयर होने वाला था. माँ मेरे साथ रात रात भर बैठी रहती.
एक बार माँ को बहुत फीवर हुआ मैं तभी स्कूल से आया था. उसका शरीर गर्म था, तप रहा था. मैंने कहा माँ तुझे फीवर है हँसते हुए बोली अभी खाना बना रही थी इसलिए गर्म है.
लोगों से उधार माँग कर मुझे दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी तक पढ़ाया. मुझे ट्यूशन तक नहीं पढ़ाने देती थीं कि कहीं मेरा टाइम ख़राब ना हो जाए. कहते-कहते रोने लगे..
और बोलेजब ऐसी माँ के हम नहीं हो सके तो हम अपने बीबी और बच्चों के क्या होंगे. हम जिनके शरीर के टुकड़े हैं,आज हम उनको ऐसे लोगों के हवाले कर आये, जो उनकी आदत, उनकी बीमारी,उनके बारे में कुछ भी नहीं जानते,
जब मैं ऐसी माँ के लिए कुछ नहीं कर सकता तो मैं किसी और के लिए भला क्या कर सकता हूँ.
आज़ादी अगर इतनी प्यारी है और माँ इतनी बोझ लग रही हैं, तो मैं पूरी आज़ादी देना चाहता हूँ.
जब मैं बिना बाप के पल गया तो ये बच्चे भी पल जाएंगे. इसीलिए मैं तलाक देना चाहता हूँ,
सारी प्रॉपर्टी इन लोगों के हवाले करके उस ओल्ड ऐज होम में रहूँगा. कम से कम मैं माँ के साथ रह तो सकता हूँ.
और अगर इतना सबकुछ कर के माँ आश्रम में रहने के लिए मजबूर है, तो एक दिन मुझे भी आखिर जाना ही पड़ेगा. माँ के साथ रहते-रहते आदत भी हो जायेगी. माँ की तरह तकलीफ तो नहीं होगी.
जितना बोलते उससे भी ज्यादा रो रहे थे. बातें करते करते रात के 12:30 हो गए. मैंने भाभीजी के चेहरे को देखा.
उनके भाव भी प्रायश्चित्त और ग्लानि से भरे हुए थे. मैंने ड्राईवर से कहा अभी हम लोग नोएडा जाएंगे.
भाभीजी और बच्चे हम सारे लोग नोएडा पहुँचे.
बहुत ज़्यादा रिक्वेस्ट करने पर गेट खुला. भाई साहब ने उस गेटकीपर के पैर पकड़ लिए, बोले मेरी माँ है, मैं उसको लेने आया हूँ,
चौकीदार ने कहा क्या करते हो साहब,
भाई साहब ने कहा मैं जज हूँ,
उस चौकीदार ने कहा:-
जहाँ सारे सबूत सामने हैं तब तो आप अपनी माँ के साथ न्याय नहीं कर पाये,
औरों के साथ क्या न्याय करते होंगे साहब।
इतना कहकर हम लोगों को वहीं रोककर वह अन्दर चला गया.
अन्दर से एक महिला आई जो वार्डन थी.
उसने बड़े कातर शब्दों में कहा:-
“2
बजे रात को आप लोग ले जाके कहीं मार दें, तो मैं अपने ईश्वर को क्या जबाब दूंगी..?”
मैंने सिस्टर से कहा आप विश्वास करिये. ये लोग बहुत बड़े पश्चाताप में जी रहे हैं.
अंत में किसी तरह उनके कमरे में ले गईं. कमरे में जो दृश्य था, उसको कहने की स्थिति में मैं नहीं हूँ.
केवल एक फ़ोटो जिसमें पूरी फैमिली है और वो भी माँ जी के बगल में, जैसे किसी बच्चे को सुला रखा है.
मुझे देखीं तो उनको लगा कि बात खुल जाए
लेकिन जब मैंने कहा हमलोग आप को लेने आये हैं, तो पूरी फैमिली एक दूसरे को पकड़ कर रोने लगी.
आसपास के कमरों में और भी बुजुर्ग थे सब लोग जाग कर बाहर तक ही गए.
उनकी भी आँखें नम थीं.
कुछ समय के बाद चलने की तैयारी हुई. पूरे आश्रम के लोग बाहर तक आये. किसी तरह हम लोग आश्रम के लोगों को छोड़ पाये.
सब लोग इस आशा से देख रहे थे कि शायद उनको भी कोई लेने आए, रास्ते भर बच्चे और भाभी जी तो शान्त रहे …….
लेकिन भाई साहब और माताजी एक दूसरे की भावनाओं कोअपने पुराने रिश्ते पर बिठा रहे थे.घर आते-आते करीब 3:45 हो गया.
?
भाभीजी भी अपनी ख़ुशी की चाबी कहाँ है ये समझ गई थीं.
मैं भी चल दिया. लेकिन रास्ते भर वो सारी बातें और दृश्य घूमते रहे.
?
माँ केवल माँ है. ?
उसको मरने से पहले ना मारें.
माँ हमारी ताकत है उसे बेसहारा होने दें , अगर वह कमज़ोर हो गई  तो हमारी संस्कृति की रीढ़ कमज़ोर हो जाएगी , बिना रीढ़ का समाज कैसा होता है किसी से छुपा नहीं
अगर आपकी परिचित परिवार में ऐसी कोई समस्या हो तो उसको ये जरूर पढ़ायें, बात को प्रभावी ढंग से समझायें , कुछ भी करें लेकिन हमारी जननी को बेसहारा बेघर होने दें, अगर माँ की आँख से आँसू गिर गए तो ये क़र्ज़ कई जन्मों तक रहेगा , यकीन मानना सब होगा तुम्हारे पास पर सुकून नहीं होगा , सुकून सिर्फ माँ के आँचल में होता है उस आँचल को बिखरने मत देना